Indian Classical 

Bhopali, also known as Bhoop, Bhoopali or Bhupali, is a Hindustani classical raga. It is a pentatonic scale (uses 5 notes in ascending and descending scale). Most of the songs in this raga are based on Bhakti rasa.


Aroha & Avaroha
The scale of Bhopali uses only Shuddh swaras.
Aroha (ascent): Sa Re Ga Pa Dha Sa
Avaroha (descent): Sa Dha Pa Ga Re Sa

 

Vadi & Samavadi
Vadi
Gandhar - Ga (here-after G but not to be confused with note G of western music notations)
Samavadi
Dhaivat - Dha (here-after D but not to be confused with note D of western music notations)

 

Pakad & Chalan
The Pakad (catchphrase that often helps in identifying a raga) is:
1. S R G R S D1 S R G
2. S R G R S D1 P1
3. P1 D1 S R G R G
4. S R P G
5. G R S R G P
6. G P D P D D S’
7. P G P D P D S’ R’ G’ R’ G’
8. G’ R’ S’ D P G R S

 

 

 

Raaga Bhopali
राग भूपाली

यह राग भूप के नाम से भी प्रसिद्ध है। यह पूर्वांग प्रधान राग है। इसका विस्तार तथा चलन अधिकतर मध्य सप्तक के पूर्वांग व मन्द्र सप्तक में किया जाता है। यह चंद्र प्रकाश के समान शांत स्निग्ध वातावरण पैदा करने वाला मधुर राग है। जिसका प्रभाव वातावरण में बहुत ही जल्दी घुल जाता है। रात्रि के रागों में राग भूपाली सौम्य है। शांत रस प्रधान होने के कारण इसके गायन से वातावरण गंभीर व उदात्त बन जाता है। राग भूपाली कल्याण थाट का राग है।


आरोह एवं अवरोह 
आरोह - सा रे ग, प, ध सां

अवरोह - सां ध प, ग रे सा

 

वादी एवं संवादी 
संवादी - धैवत (ध)

वादी - गांधार (ग)

 

पकड़ एवं चलन 
पकड़ :

  1. सा ; सा ,ध सा रे ग ;

  2. रे ग सा रे ,ध सा ; सा रे ग प ;

  3. प ग रे ग ; रे प ग ; ग सा रे ; रे ,ध सा ;

  4. ग रे ग ; प ग ; प ध प प ; ध प ;

  5. ग प रे ग रे सा ,ध सा ; सा रे ग रे ग प ध सा' ;

  6. प ध प सा' ; सा' सा' ; रे' सा' ध सा' ;

  7. ध सा' रे' ग' रे' सा' ; ध सा' ध प ग रे ग ;

  8. प रे ग रे सा ; रे ,ध सा ;

 

 

 

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